काम करने पर जल्दी थकान होती है तो स्टैमिना बढ़ाएं

काम करने पर जल्दी थकान होती है तो स्टैमिना बढ़ाएं

जिंदगी को चलाने के लिए आपको खुद को मज़बूत बनाना जरूरी है। मजबूत बनने के लिए हेल्दी और बैलेंस डाइट जरूरी है। थोड़ा सा काम करने के बाद आपकी हिम्मत जवाब दे देती है तो इसका मतलब आपमें काम करने का स्टैमिना कम होता जा रहा है। स्टैमिना क्या है आप जानते हैं? किसी भी काम को बिना थके लम्बे समय तक करने की शारीरिक क्षमता को स्टैमिना कहते हैं। अगर आप भी अपने में इस तरह के लक्षण देख रहे हैं तो सबसे पहले अपना स्टैमिना बढ़ाएं। स्टैमिना बढ़ाने के लिए भोजन, नियमित व्यायाम और पर्याप्त आराम अहम भूमिका निभाता है। स्टैमिना बढ़ाने के लिए आपकी बॉडी में प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम होना भी जरूरी होता है। शरीर में पोषण के लिए पौष्टिक खाद्य पदार्थ जरूरी हैं, जो शरीर को भरपूर ऊर्जा देने के साथ स्टैमिना भी बढ़ाएं। आइए जानते हैं कि स्टैमिना बढ़ाने के लिए हमें किन-किन चीजों की जरूरत है।


कैफीन को करें डाइट में शामिल:

दुनिया भर में कई पेय और खाद्य पदार्थों में कैफीन का सेवन किया जाता है। कैफीन से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, जिससे आपका शरीर ज्यादा देर तक काम करने में सक्षम होता है। लगभग 6 मिलीग्राम कैफीन हमारे स्टैमिना को बढ़ाने में उपयोगी है।

रेगुलर एक्सरसाइज करें:

एक्सरसाइज आपकी मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं, यह स्टैमिना को बढ़ाने में भी मदद करती है। आप वेट लिफ्टिंग, पुल अप व पुश अप जैसी एक्सरसाइज करके अपना स्टैमिना बढ़ा सकते हैं।


स्टैमिना बढ़ाने के लिए संगीत सुनें:

संगीत किसी भी व्यक्ति के मूड को ठीक करने में मदद कर सकता है। स्टैमिना बढ़ाने में भी संगीत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एक्सरसाइज के दौरान संगीत सुनने से डिस्पनिया या सांस की तकलीफ कम हो जाती है। म्यूजिक ना सिर्फ आपका स्टैमिना बढ़ाता है बल्कि तनाव भी कम करता है।

स्मोकिंग से परहेज करें:

धूम्रपान करने से निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर के अंदर जाकर बॉडी को नुकसान पहुंचाते है। स्मोकिंग से रक्त धमनियां संकीर्ण हो सकती हैं। धूम्रपान आपके फेफड़ों की क्षमता को नुकसान पहुंचाता है। धूम्रपान कफ भी पैदा करता है, जो आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। आपको अपना स्टैमिना बढ़ाना है तो स्मोकिंग से परहेज करें।

प्रोटीन का सेवन करें:

प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण, विकास और मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। प्रोटीन को पचने में अधिक समय लगता है, साथ ही यह भरपूर ऊर्जा और स्टैमिना भी प्रदान करता है। प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन कर आप दिन भर एक्टिव महसूस करते हैं।

पानी का अधिक सेवन करें:

स्टैमिना बढ़ाने के लिए पानी जरूरी है। यह आपकी सहनशक्ति को बढ़ाने में मदद करता है। अगर आपके शरीर में पानी की कमी होती है, तो थकान बनी रह सकती है। इसलिए, पर्याप्त ऊर्जा और थकान से बचने के लिए खूब पानी पिएं। 


कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से गर्भवती महिलाओं को घबराने की नहीं, सजग व सतर्क रहने की है जरूरत

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से गर्भवती महिलाओं को घबराने की नहीं, सजग व सतर्क रहने की है जरूरत

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण लोगों में तनाव ज्यादा है। गर्भवती महिलाओं के जेहन में भी तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। देहरादून स्थित कंबाइंड मेडिकल इंस्टीट्यूट की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ सुमिता प्रभाकर की सलाह गर्भवती महिलाओं के लिए काफी अहमियत रखती है। उनका कहना है कि यह वक्त घबराने का नहीं, बल्कि सजग एवं सतर्क रहने का है।

गर्भस्थ शिशु में नहीं होता संक्रमण

आज तक कोरोना का वायरस एमनियोटिक द्रव या ब्रेस्ट मिल्क के नमूनों में नहीं पाया गया है। भ्रूण में किसी तरह के संक्रमण का कोई प्रमाण नहीं है। ऐसा भी कोई डाटा नहीं है, जो सिद्ध करता हो कि कोरोना वायरस संक्रमण से गर्भपात या गर्भस्थ शिशु नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।

ब्रेस्ट फीडिंग कराते समय भी मास्क पहनें

मेडिकल रिपोर्ट बताती हैं कि ब्रेस्ट मिल्क से वायरस संक्रमण का खतरा नहीं है। चूंकि यह वायरस रेस्पिरेट्री ड्रॉपलेट्स के जरिए फैलता है, इसलिए स्तनपान कराते वक्त मास्क पहनें। ब्रेस्ट फीडिंग और बच्चों को उठाने से पहले अच्छे से हाथ धो लें जिससे नवजात में संक्रमण का खतरा न के बराबर रहे।

श्वसन प्रणाली को स्वस्थ रखें

इस समय बाहर वॉक पर नहीं जाया जा सकता इसलिए श्वसन प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए योग एक अच्छा विकल्प है। प्राणायाम आपके फेफड़ों को मजबूत करने के साथ ही रक्त संचार बढ़ाने में भी मदद करेगा। पर्याप्त आराम लेना जरूरी है। साथ ही पानी भी खूब पीती रहें।

इम्यूनिटी पर दें ध्यान

विटामिन डी और सी से शरीर को मजबूती मिलेगी। विटामिन डी के लिए बालकनी में बैठकर धूप ले सकती हैं। नींबू, आंवला, संतरा आदि से विटामिन सी की पूर्ति होती है। इससे सर्दी-जुकाम से लड़ने में मदद मिलती है। हड्डियों के पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए कैल्शियम भी बहुत जरूरी है। इसके लिए पालक खाएं। प्रोटीन के लिए दाल, हरी सब्जी, मौसम फल आदि भरपूर लें।


काम के बीच 5 मिनट का ब्रेक लेकर इन स्ट्रेचिंग एक्सरसाइजेस के जरिए करें अपनी एनर्जी चार्ज       कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से गर्भवती महिलाओं को घबराने की नहीं, सजग व सतर्क रहने की है जरूरत       लॉकडाउन के समय इन एक्सरसाइज़ से सिर्फ 7 दिनों में घटेगा वज़न!       लॉकडाउन में अवसाद से बचना है तो अपने आपको मनोरंजन में मसरूफ रखें       बदलते मौसम में सेहत के प्रति सचेत रहने के साथ ही इन जरूरी बातों का भी रखें ध्यान       ब्रेकफास्ट में सीरियल कितनी मात्रा में लेना रहेगा सेहत के लिए फायदेमंद       बार-बार हाथ धोने से हाथों की खूबसूरती कम हो गई है तो इस तरह रखें ख्याल       लॉकडाउन पीरियड का उठाएं फायदा, हेल्दी और बैलेंस डाइट के अलावा इन टिप्स के साथ करें बैली फैट कम       स्वाद के साथ सूंघने की क्षमता बंद हो जाना भी हो सकता है COVID-19 का लक्षण       ई-सिगरेट या स्मोकिंग से बढ़ सकता है कोरोना वायरस का ख़तरा       क्या टीबी वैक्सीन कर पाएगी कोरोना वायरस से बचाव?       अगर रहना चाहते हैं फिट तो डाइट में ज़रूर शामिल करें दालचीनी!       हार्वर्ड के शोधकर्ताओं का दावा, कोरोना से सूंघने की क्षमता भी होती है कम       रातों में अच्छी नींद के लिए लें जायफल, कोरोना से लड़ाई में भी मिलेगी मदद       विटामिन सी और किचन में मौजूद मसालों से बूस्ट होगा इम्यून सिस्टम       पाक को जी-20 से ऋण में राहत की उम्मीद, आर्थिक मामलों के मंत्री खुसरो बख्तियार ने दी जानकारी       दीपक हुड्डा ने 6 छक्कों के साथ ठोकी तूफानी फिफ्टी, बना दिया IPL में अद्भुत रिकॉर्ड       ये है भारत की सबसे सस्ती ABS वाली मोटरसाइकिल, देती है जबरदस्त माइलेज       भविष्य की चुनौतियों से निपटने को तैयार होगा स्वस्थ भारत, जानिए बजट में आपके स्वास्थ्य को लेकर क्या है खास       पति और बेटे की कोरोना से मौत पर महिला ने सदमे में तोड़ा दम