इस क्रम में दिखाई देते हैं Covid-19 के सभी लक्षण

इस क्रम में दिखाई देते हैं Covid-19 के सभी लक्षण

कोरोना वायरस के मामले दुनिया भर में तेज़ी से बढ़ रहे हैं और खासकर हमारे जैसे देश में, यह और भी ख़तरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। वैक्सीन विकसित करने का काम भले ही तेज़ी से चल रहा है, लेकिन एक कारगर वैक्सीन को आने में कम से कम 2-3 साल लग सकते हैं। इसलिए इस वक्त लक्षणों की पहचान और उसका सही इलाज कोरोना को रोकने का एकमात्र तरीका है।

कोरोना वायरस के बारे में एक बात साफ है कि इसके लक्षण कई चीज़ों पर निरभर करते हैं- जैसे आपकी उम्र, स्वास्थ्य, पहले से मौजूद बीमारी और लिंग। हालांकि, ज़्यादातर मामलों में, COVID-19 एक निश्चित तरीके से शुरू होता है। यहां तक कि शोधकर्ताओं ने ऐसे लक्षणों की भी खोज की है, जो सिर्फ कोरोना वायरस में ही देखे जाते हैं, जैसे सूंघने और स्वाद की शक्ति का ख़त्म होना और पैर की उंगलियों में सूजन और दर्द।

एक ऐसा लक्षण जिससे कोरोना को पहचानना आसान हो
दक्षिणी कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय में हुए नए शोध के मुताबिक, कोविड-19 के लक्षण एक खास क्रम में देखे जाते हैं। जिससे ये साफ हो सकता है कि बीमारी आम फ्लू है या फिर कोरोना वायरस।
 
वैज्ञानिकों का मानना है कि लक्षणों की सही पहचान से लोगों को स्थिति बिगड़ने से पहले आइसोलेशन और लक्षणों का इलाज करने में मदद मिलेगी।
 
फ्लू से कैसे अलग है कोरोना वायरस
कोविड-19 कई मायनों में बिलकुल फ्लू जैसा है, लेकिन लक्षण जिस क्रम में दिखना शुरू होते हैं, वे अलग हो सकते हैं। चीन में एक शोध में देखा गया कि लक्षण इस क्रम में देखे जाते हैं। :
 
-बुख़ार
-खांसी, मांसपेशियों में दर्द
-मतली, उलटी
-दस्त
-सांस लेने में दिक्कत
 
इस शोध से कैसे मदद मिलेगी?
इस शोध से डॉक्टरों के लिए कोरोना के मरीज़ों का पता लगाना आसान होगा। खासकर ऐसे मौसम में जब कोरोना के साथ फ्लू और दूसरे वायरल संक्रमण आम हो जाते हैं। 
 
क्योंकि कोविड-19 वायरस इंफ्लूएंज़ा से कहीं ज़्यादा संक्रामक है, इसलिए बुखार जैसे लक्षण दिखते ही जागरुक हो जाना चाहिए, जिससे की बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
 
कब कराना चाहिए टेस्ट?
अगर आपको ऐसा लगता है कि आपका बुखार कोरोना वायरस संक्रमण का ही लक्षण है, तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें और ज़रूरी सावधानियां बरतें। याद रखें कि हमारे शरीर का नॉर्मल तापमान 97-99 डिग्री फेरेनहीट होता है और समय पर भी निर्भर करता है। 
 
अगर आपक लक्षण तीन दिनों तक जाते नहीं हैं और शरीर का तापमान लगातार 99 डिग्री से ऊपर बना हुआ है, तो आपको कोविड-19 टेस्ट करवाना चाहिए। साथ ही खुद को एकांत में रखें और ज़रूरी सावधानियां बरतें। साथ ही दूसरे लक्षणों पर भी नज़र रखें।
 
सिर्फ यही नहीं हैं कोरोना के लक्षण
बुखार और खांसी ही सिर्फ कोरोना वायरस के लक्षण नहीं हैं। हमें अलक्षणी प्रसारण के जोखिम का भी ख्याल रखना होगा, जिसका मतलब है कोरोना के वे मरीज़ जिनमें एक भी लक्षण दिखाई नहीं देता है। इसलिए सावधानियां बरतनी बेहद ज़रूरी हैं। इसके अलावा, कई ऐसे भी मरीज़ अस्पताल पहुंचे हैं, जिनमें सिर्फ सीने में दर्द, सूंघने की शक्ति का ख़त्म होना या फिर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण के लक्षण देखे गए। इसलिए इस बीमारी के बारे में जागरुक होना और सुरक्षा के उपायों का अभ्यास करना सभी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।


नींद नहीं आती है रातों में? अपनाएं ये उपाय

नींद नहीं आती है रातों में? अपनाएं ये उपाय

अच्छी नींद से बेहतर शरीर के लिए कुछ भी नहीं है दिन भर की थकान और बॉडी के सेल्स में हुए डैमेज की नींद भरपाई करती है लेकिन कई लोगों के साथ नींद न आने की गंभीर समस्या होती है थकान के बावजूद बिस्तर पर जाते ही नींद का भाग जाना आपकी स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है हम आपको बेहतर नींद के लिए कुछ टिप्स दे रहे हैं जिन्हें अपनाने पर आप रात को शाँति से सो पाएंगे

दरअसल, नींद नहीं आने के कई कारण है जैसे कैफीन, निकोटीन का अधिक सेवन करना, किसी भी तरह की दवा का सेवन करना, लगातार कार्य करना, कार्यालय और घर के बीच तालमेल नहीं बैठना इसके साथ ही तनाव आपकी नींद का सबसे बड़ा शत्रु है निगेटिव सोच, बेवजह का डर और चिंता आपके श्वसन तंत्र को उत्तेजित करती है जिसकी वजह से आपकी नींद हराम हो जाती है

अगर आप भी आधी रात तक जागते हैं और दिन तक सोते हैं तो हम आपको अच्छी नींद लाने के कुछ प्राकृतिक तरीकों के बारे में बताते है, जिनकी सहायता से आपको शीघ्र नींद भी आएगी और आप एनर्जेटिक भी महसूस करेंगे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे टीवी और मोबाइल की ब्लू लाइट से आपके दिमाग को दिन होने की आसार लगती है, इससे मेलाटोनिन हॉर्मोन अपना ठीक तरह से कार्य नहीं कर पाता

मेलाटोनिन हॉर्मोन अच्छी नींद के लिए उत्तरदायी होता है सोने से दो घंटे पहले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल का इस्तेमाल न करें, यदि आप इनका इस्तेमाल कर रहे हैं तो चश्मा लगाकर करें इससे लाइट का सीधा प्रभाव आपकी आंखों पर नहीं पड़ेगा

दिन के दौरान सूर्य के प्रकाश के सम्पर्क में आने से आपकी सर्कैडियन रिदम को रेगुलेट किया जा सकता है सर्कैडियन प्रणाली जिसे जैविक घड़ी भी बोला जाता है, ये प्राकृतिक दैनिक चक्र है जो आराम और गतिविधि के पैटर्न को नियंत्रित करता है सर्केडियन रिदम लोगों को नियमित नींद और जागने के शेड्यूल को बनाए रखने में सहायता करता है आपको प्रतिदिन सूरज की रौशनी जरूर लेनी चाहिए


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