यूपीएससी में बिहार के शुभम कुमार आल इंडिया टॉपर, यहां देखें अपना रिजल्ट

यूपीएससी में बिहार के शुभम कुमार आल इंडिया टॉपर, यहां देखें अपना रिजल्ट

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा-2020 का परिणाम घोषित कर दिया है। इसबार यूपीएससी परीक्षा में 761 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। बिहार के कटिहार निवासी शुभम कुमार (Roll No. 1519294) ने देशभर में टॉप किया है। वहीं जागृति अवस्थी को दूसरी तो अंकिता जैन को तीसरी रैंक मिली है। वहीं बिहार के जमुई जिले चकाई बाजार निवासी सीताराम वर्णवाल के पुत्र प्रवीण कुमार ने सातवां स्थान हासिल किया है। यूपीएसससी सीएसई 2020 फाइनल रिजल्ट में कुल 25 अभ्यर्थियों ने टॉप किया है, जिसमें 13 पुरुष और 12 महिला अभ्यर्थी हैं। छात्र परिणाम https://www.upsc.gov.in/ पर जाकर देख सकते हैं। रोल नंबर देखने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं। 

शुभम ने आइआइटी बाम्बे से पढ़ाई की है। शुभम को वर्ष 2019 परीक्षा में आल इंडिया में 290 रैंक हासिल हुई थी। टॉपर शुभम ने एंथ्रोपोलॉजी वैकल्पिक विषय से इग्जाम दिया था। आइआइटी बॉम्बे से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद शुभम ने यूपीएससी की परीक्षा दी थी। वहीं जागृति अवस्थी ने एमएएनआइटी भोपाल से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में बीटे की डिग्री हासिल की है। जागृति ने वैकल्पिक विषय के रूप में समाजशास्त्र को चुना था। बता दें कि सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का आयोजन जनवरी 2021 में किया गया था। इसमें सफल अभ्यर्थियों का इंटरव्यू अगस्त-सितंबर 2021 में पूरा हुआ था। साक्षात्कार के बाद जिनका चयन किया गया है, उनका नाम वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। इस वर्ष आइएएस के लिए 180, आइएफएस के लिए 36 और आइपीएस के लिए 200 सीटें सुरक्षित हैं। इसके अतिरिक्त सेंट्रल सर्विस ग्रुप एक में 302, ग्रुप बी सर्विस में 118 पद सुरक्षित है। इससे पहले 1987 में आमिर सुबहानी, 1996 में सुनील वर्णवाल तथा 2001 में अलोक रंजन झा यूपीएससी में टाप करने वाले बिहार के अभ्यर्थी थे। 


पिता बनना चाहते थे आइएएस, बेटे ने पूरा किया सपना

शुभम ने कहा कि अपने गांव को देखकर मुझे आइएएस बनने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि यूपीएससी की तैयारी कहीं पर भी रहकर की जा सकती है। मेरी सफलता में परिवार का बड़ा सहयोग है। वहीं शुभम की मां ने कहा कि बेटे ने आज देश में नाम रोशन कर दिया है। शुभम बचपन से ही टॉपर है। शुभम की मां ने कहा कि उसके पिता आइएएस बनना चाहते थे, वो नहीं बन सके तो बेटे ने सपना पूरा कर दिया। 


पटना से पहुंची NCB की टीम ने औरंगाबाद में जब्‍त किया 994 किलो गांजा, तस्‍कर समेत तीन गिरफ्तार

पटना से पहुंची NCB की टीम ने औरंगाबाद में जब्‍त किया 994 किलो गांजा, तस्‍कर समेत तीन गिरफ्तार

पटना से पहुंची नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम ने सोमवार को औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र के बाइपास ओवरब्रिज के पास से गांजा लदा हाइवा जब्त किया है। जब्त हाइवा (सीजी08एल-0132) से एनसीबी की टीम ने 994 किलो गांजा जब्त किया है। गांजा को तस्करों ने पैकेट में बंद कर रखा था। एसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि मामले में हाइवा चालक भूटेली सहनी, पप्पू सहनी एवं आनंद सिंह को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार भूटेली एवं पप्पू सारण जिले के दरियापुर थाना के शीतलपुर गांव का निवासी हैं। एनसीबी की टीम ने गांजा तस्कर भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना के मसाढ़ गांव निवासी राजन सिंह के पुत्र आनंद सिंह को गिरफ्तार किया है।


उड़ीसा से ले जाया जा रहा था भोजपुर 

बताया गया कि उड़ीसा से गांजा लादकर हाइवा औरंगाबाद के रास्ते भोजपुर जा रहा था। एनसीबी की टीम को सूचना मिली कि हाइवा से गांजा की बड़ी खेप भेजी जा रही है। सूचना पर एनसीबी की टीम ने बाइपास ओवरब्रिज से हाइवा को जब्त किया। गांजा की जब्ती सूची उत्तर कोयल नहर के परिसदन में तैयार की गई। एनसीबी की टीम गांजा जब्त करने के बाद तस्करों की रैकेट खंगालने में लगी है।


गांजा तस्‍करों का नेटवर्क कई राज्‍यों तक 

एसपी ने बताया कि एनसीबी के अधिकारी शीलभद्र सम्राट, परमहंश कुमार, वरुण कुमार, अवधेश कुमार सिंह एवं संजीव कुमार के नेतृत्व में यह सफलता मिली है। बताया जाता है कि गांजा की तस्करी में शामिल तस्करों का कई राज्यों में नेटवर्क फैला है। उड़ीसा से गांजा की खेप दूसरी प्रदेशों में पहुंचाई जा रही है। नगर थानाध्यक्ष अंजनी कुमार ने बताया कि गांजा जब्ती की सूचना पर एनसीबी के अधिकारियों को सहयोग किया गया। बता दें कि इससे पहले भी बारुण थाना पुलिस द्वारा बड़ी मात्रा में गांजा जब्त की गई थी। इसके बाद भी धंधेबाज सक्रिय हैं।