सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि RCP सिंह ने रखा ललन का प्रस्ताव, सभी की सहमति से हुआ फैसला

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि RCP सिंह ने रखा ललन का प्रस्ताव, सभी की सहमति से हुआ फैसला

पटना: जेडीयू (JDU) के कद्दावर नेता ललन सिंह (Lalan Singh) को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी मानें जाने वाले ललन सिंह की नियुक्ति के बाद सूबे में चर्चाओं का दौर प्रारम्भ हो गया है। इस सबके बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सियासी प्रश्नों के उत्तर दिए, कार्यकारिणी की लिए इस मीटिंग के बाद सीएम नीतीश कुमार का पहला रिएक्शन सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश ने बोला ललन सिंह पार्टी के वरिष्ठ साथी हैं।  केंद्र में मंत्री बनने के बाद आरसीपी सिंह ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा था। इसका सभी ने समर्थन किया। सर्वसम्मति से ये निर्णय हुआ है।  मुख्यमंत्री ने बोला चुनाव के बारे में भी लोगों को ज़िम्मेदारी दी गई है। भिन्न-भिन्न राज्यों में जिम्मेदारी दी गई है। एनडीए में हम लोग हैं तो वहां भी बात लोग कर रहे हैं।

सीएम नीतीश कुमार ने कहा,’जाति आधरित जनगणना को लेकर आज प्रस्ताव पारित हुआ। ये होना चाहिए। देश हित और सभी लोगों के हित में है। 1931 के बाद ये नहीं हुआ है। एक बार जनगणना को लेकर फ़िगर जानना आवश्यक है। पीएम से मिलने के प्रश्न पर बोला उन्होंने बोला कि पार्टी के सांसद ने भी इस बारे में प्रस्ताव दिया है तो वे मिलेंगे या किसी और से मिलवाएंगे, सभी सांसद अपनी बात रखेंगे।

सीएम नीतीश कुमार ने दिया बड़ा बयान

सवर्ण समुदाय से अध्यक्ष बनाए जाने के प्रश्न पर सीएम नीतीश कुमार ने बोला कि वैसा कोई समीकरण नहीं है। पार्टी में कास्ट वाला हिसाब दिखता है। हमारे यहां भिन्न-भिन्न जाति -विरादरी धर्म के सब लोग मिलेंगे। बाक़ी तो जनता के हाथ में है। हम लोगों के हाथ में है कार्य करना। किसी की ख़्वाहिश होगी तो कोई मतदान करेगा। हमारे यहां समाजवादी विचार है।

बिहार प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बोला कि अभी तो प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। ऐसा कुछ नहीं है। उपेन्द्र कुशवाहा का सपना पूरा होने के प्रश्न पर बोला मुख्यमंत्री नीतीश ने बोला कि उपेन्द्र कुशवाहा प्रारम्भ से साथ हैं। बहुत अच्छे तरीका से कार्य कर रहे हैं। सीएम ने बोला कि सबका सपना है कि मिलकर दल को मज़बूत बनाकर रखेंगे। बाक़ी ऐसा तुरंत का कोई सपना नहीं रहता। पार्टी के सभी लोग एक साभ मिलजुलकर कार्य करेंगे।


यूपीएससी में बिहार के शुभम कुमार आल इंडिया टॉपर, यहां देखें अपना रिजल्ट

यूपीएससी में बिहार के शुभम कुमार आल इंडिया टॉपर, यहां देखें अपना रिजल्ट

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा-2020 का परिणाम घोषित कर दिया है। इसबार यूपीएससी परीक्षा में 761 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। बिहार के कटिहार निवासी शुभम कुमार (Roll No. 1519294) ने देशभर में टॉप किया है। वहीं जागृति अवस्थी को दूसरी तो अंकिता जैन को तीसरी रैंक मिली है। वहीं बिहार के जमुई जिले चकाई बाजार निवासी सीताराम वर्णवाल के पुत्र प्रवीण कुमार ने सातवां स्थान हासिल किया है। यूपीएसससी सीएसई 2020 फाइनल रिजल्ट में कुल 25 अभ्यर्थियों ने टॉप किया है, जिसमें 13 पुरुष और 12 महिला अभ्यर्थी हैं। छात्र परिणाम https://www.upsc.gov.in/ पर जाकर देख सकते हैं। रोल नंबर देखने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं। 

शुभम ने आइआइटी बाम्बे से पढ़ाई की है। शुभम को वर्ष 2019 परीक्षा में आल इंडिया में 290 रैंक हासिल हुई थी। टॉपर शुभम ने एंथ्रोपोलॉजी वैकल्पिक विषय से इग्जाम दिया था। आइआइटी बॉम्बे से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद शुभम ने यूपीएससी की परीक्षा दी थी। वहीं जागृति अवस्थी ने एमएएनआइटी भोपाल से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में बीटे की डिग्री हासिल की है। जागृति ने वैकल्पिक विषय के रूप में समाजशास्त्र को चुना था। बता दें कि सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का आयोजन जनवरी 2021 में किया गया था। इसमें सफल अभ्यर्थियों का इंटरव्यू अगस्त-सितंबर 2021 में पूरा हुआ था। साक्षात्कार के बाद जिनका चयन किया गया है, उनका नाम वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। इस वर्ष आइएएस के लिए 180, आइएफएस के लिए 36 और आइपीएस के लिए 200 सीटें सुरक्षित हैं। इसके अतिरिक्त सेंट्रल सर्विस ग्रुप एक में 302, ग्रुप बी सर्विस में 118 पद सुरक्षित है। इससे पहले 1987 में आमिर सुबहानी, 1996 में सुनील वर्णवाल तथा 2001 में अलोक रंजन झा यूपीएससी में टाप करने वाले बिहार के अभ्यर्थी थे। 


पिता बनना चाहते थे आइएएस, बेटे ने पूरा किया सपना

शुभम ने कहा कि अपने गांव को देखकर मुझे आइएएस बनने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि यूपीएससी की तैयारी कहीं पर भी रहकर की जा सकती है। मेरी सफलता में परिवार का बड़ा सहयोग है। वहीं शुभम की मां ने कहा कि बेटे ने आज देश में नाम रोशन कर दिया है। शुभम बचपन से ही टॉपर है। शुभम की मां ने कहा कि उसके पिता आइएएस बनना चाहते थे, वो नहीं बन सके तो बेटे ने सपना पूरा कर दिया।